DigiLekha

निजता नीति

आख़िरी बदलाव: 16 सितम्बर 2026

DigiLekha आपकी दुकान का हिसाब रखता है। उस हिसाब में आपके ग्राहकों की जानकारी भी होती है — और वो लोग हमारे उपयोगकर्ता नहीं हैं। इसीलिए यह पन्ना साफ़-साफ़ बताता है कि क्या रखा जाता है, किसके साथ जाता है, और कैसे हटता है।

हम क्या इकट्ठा करते हैं

आपकी अपनी जानकारी नाम, ईमेल (Google साइन-इन से), दुकान का नाम, पता, फ़ोन, GSTIN।
आपके ग्राहकों की नाम, फ़ोन नंबर, पता, और उनका लेन-देन व उधार — जो आप ख़ुद डालते हैं।
दुकान का कारोबार बिल, ख़रीद, स्टॉक, ख़र्च।
तकनीकी डिवाइस पहचान (कौन-सा फ़ोन), और गड़बड़ी के लॉग।
हम पासवर्ड नहीं रखते। साइन-इन Google से होता है, तो हमारे पास ऐसा कोई पासवर्ड है ही नहीं जो लीक हो सके।

किसके साथ साझा होता है

तीन जगह, और सिर्फ़ उतना जितना उस काम के लिए ज़रूरी है:

OpenRouter सुबह की रिपोर्ट की एक पंक्ति बनाने के लिए, और ख़रीद के बिल की तस्वीर पढ़ने के लिए। ग्राहक का नाम या फ़ोन नंबर कभी नहीं भेजा जाता — सिर्फ़ संख्याएँ। यह कोड में लागू है, सिर्फ़ नीति में नहीं। रिपोर्ट की पंक्ति और आपके सवाल के लिए पहले हमारा अपना AI सर्वर (AstraSoft का) कोशिश करता है — वही नियम, सिर्फ़ संख्याएँ; वह न मिले तो OpenRouter।
Meta (WhatsApp) संदेश भेजने के लिए फ़ोन नंबर। ग्राहक को संदेश तभी जाता है जब आपने उसकी सहमति दर्ज की हो।

हर संदेश दुकान के अपने WhatsApp नंबर से जाता है — हमारा कोई नंबर बीच में नहीं है। इसलिए नंबर जोड़ना (Settings में, आपकी मर्ज़ी से) ज़रूरी है: जुड़े बिना न बिल की कॉपी जाती है, न तक़ाज़ा, न सुबह की रिपोर्ट — app हर ऐसे संदेश को वजह के साथ रोक कर दर्ज कर देता है।

जोड़ने पर आपके नंबर की "linked device" चाबियाँ हमारे सर्वर पर रहती हैं। उनसे सिर्फ़ यही भेजा जाता है — आपके ग्राहकों को, आपके बिल और तक़ाज़े; और आपको, आपकी अपनी सुबह की रिपोर्ट। आपके WhatsApp की बातचीत न पढ़ी जाती है, न रखी जाती है। "लिंक हटाएँ" दबाते ही, या खाता हटाने पर, चाबियाँ मिटा दी जाती हैं; ये नियमित backup में भी नहीं रखी जातीं।
Google Play आपकी सदस्यता का भुगतान Google Play के बिलिंग सिस्टम से होता है। ग्राहकों का डेटा यहाँ नहीं जाता।
Google AdMob सिर्फ़ तब, जब सदस्यता ख़त्म हो चुकी हो। विज्ञापन दिखाने के लिए आपके फ़ोन का advertising ID Google को जाता है। दुकान का नाम, ग्राहक, बिल, रक़म — इनमें से कुछ भी नहीं जाता। सदस्यता चालू होते ही यह भी बंद।
Google Firebase app कहाँ अटकता है और कहाँ बंद हो जाता है, यह जानने के लिए। Google को तीन तरह की चीज़ें जाती हैं: (क) app बंद होने (crash) की रिपोर्ट — ग़लती का नाम और वह कहाँ हुई; (ख) app कितनी देर में खुला और कौन सी screen कितनी देर में बनी; (ग) चार गिनतियाँ — सुबह की रिपोर्ट कितनी बार खुली, कितने बिल बने, कितने छपे, और सदस्यता की screen कितनी बार खुली। साथ में फ़ोन का मॉडल, Android का version, देश और app का version।
ग्राहक का नाम, फ़ोन नंबर, रक़म या बिल कभी नहीं जाता — गिनती में नाम रखने की जगह ही नहीं है (तकनीकी तौर पर, न कि वादे के तौर पर)। एक बात साफ़ कह देना ज़रूरी है: app बंद होने की रिपोर्ट में कभी-कभी database की अपनी ग़लती का वाक्य होता है, और उसमें एक नाम आ सकता है। लंबे नंबर हम हटा देते हैं; नाम पहचानने का कोई पक्का तरीक़ा नहीं है, इसलिए हम उसका वादा नहीं करते।
AstraSoft का अपना सर्वर ऊपर वाली चार गिनतियाँ उसी समय हमारे अपने सर्वर पर भी आती हैं — उसी जगह जहाँ आपकी बही पहले से रखी है। यह कोई नई कंपनी नहीं है; यह वही AstraSoft है जिसका AI सर्वर ऊपर लिखा है।
इसमें कोई पहचान नहीं भेजी जाती — न फ़ोन का कोई नंबर, न कोई session का निशान। सिर्फ़ गिनती, app का version और भाषा। ग्राहक का नाम, फ़ोन नंबर, रक़म या बिल कभी नहीं।
यह इसलिए है कि आगे चलकर ये गिनतियाँ Google को भेजनी ही न पड़ें।

इसके अलावा किसी को नहीं। हम आपका डेटा बेचते नहीं।

दुकान का लोगो। आप चाहें तो दुकान का लोगो जोड़ सकते हैं — वह आपके बिल के ऊपर छपता है। वह हमारे ही सर्वर पर रखा जाता है, किसी तीसरे को नहीं जाता, और खाता हटाने पर बाक़ी सब के साथ मिट जाता है। फ़ोन पर ही उसका आकार छोटा किया जाता है, जिससे कैमरे ने तस्वीर में जो जगह (location) लिखी हो वह भी हट जाती है।

विज्ञापन। सदस्यता चालू रहने पर और 30 दिन की मुफ़्त आज़माइश के दौरान कोई विज्ञापन नहीं दिखता। सदस्यता ख़त्म हो जाने पर होम और खाता screen पर एक पट्टी में Google (AdMob) का विज्ञापन दिख सकता है — बिल बनाने वाली screen पर कभी नहीं। उसके लिए Google को आपके फ़ोन का advertising ID जाता है; दुकान का, ग्राहकों का या बिक्री का कोई डेटा विज्ञापन नेटवर्क को नहीं जाता। पैसे देते ही विज्ञापन हट जाते हैं।

कहाँ रखा जाता है

भारत में, एक सर्वर पर, TLS के पीछे। डेटाबेस बाहर से पहुँच में नहीं है। असली प्रति आपके अपने फ़ोन में भी रहती है — इसीलिए नेटवर्क बंद होने पर भी बिल बनता है।

ग्राहकों की सहमति — आपकी ज़िम्मेदारी भी है

जब आप किसी ग्राहक को WhatsApp संदेश भेजने के लिए चुनते हैं, app आपसे उसकी सहमति दर्ज करने को कहता है। "नंबर हमारे पास था" सहमति नहीं होती — DPDP अधिनियम 2023 के तहत भी नहीं। बिना सहमति वाला संदेश app ख़ुद रोक देता है और वजह दर्ज कर देता है।

कब तक रखा जाता है

जब तक आपका खाता है। खाता हटाने पर 30 दिन बाद सब कुछ मिटा दिया जाता है — बिल, ग्राहक, उधार, स्टॉक, संदेश, सब।

एक अपवाद, और हम इसे छिपा नहीं रहे: जो पैसा सचमुच आया, उसका रिकॉर्ड रहता है — सिर्फ़ रक़म और तारीख़। उसे आपकी दुकान से अलग कर दिया जाता है, तो उसमें किसी व्यक्ति की पहचान नहीं बचती। लेखा-जोखा मिलान के लिए यह ज़रूरी है।

आपके अधिकार

बच्चे

यह व्यापारिक app है, 18 साल से कम उम्र के लिए नहीं है, और हम जानबूझकर बच्चों का डेटा इकट्ठा नहीं करते।

बदलाव

इस पन्ने में कोई बड़ा बदलाव होने पर आपको app में और WhatsApp पर बताया जाएगा — चुपचाप नहीं बदला जाएगा।

संपर्क: privacy@digilekha.in